Author: Part III Team
हमारी यही कोशिश रहती है की, टूलकिट, ट्रेनिंग मटेरियल को आसान और सरल तारीकी से बनाया जाये, ताकि हर कोई इन्हे बिना तकलीफ के इस्तेमाल कर सके। इन टूलकिट और ट्रेनिंग मटेरियल बनाने का मकसद यह है की लोग अपने अनुभवो को दस्तावेज कर सके, न्याय की मांग कर सकें और ज़िम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही ले सकें।
इसी कोशिश में हमने एक टूलकिट बनायीं है – ‘शिखायत का मूल प्रारूप’।
इस टूलकिट में ‘पुलिस को शिकायत पत्र’ कैसे लिखे और उस पत्र में क्या-क्या लिखे, कौन से शब्द इस्तेमाल करने चाहिए – इसकी जानकारी है। इस टूलकिट में एक नमूना पत्र भी दिया गया है जिससे आप मदद ले सकते हैं – ताकि आप किसी अपराध की पूरी जानकारी दे सकें और FIR दर्ज करवाने की मांग कर सकें।
शिकायत पत्र लिखना आना क्यों ज़रूरी है?
इस शिकायत पत्र के आधार पर ही FIR दर्ज होती है। पुलिस जांच और कोर्ट की प्रक्रिया में कई ऐसे पड़ाव होते हैं जहाँ नतीजे इस बात पर निर्भर करते हैं कि FIR में क्या लिखा गया है, कैसे लिखा गया है, कौन-कौन सी बातें शामिल की गई हैं और क्या-क्या छूट गया है। इसी कारण, शिकायत पत्र ध्यान से और पूरी जानकारी के साथ लिखना ज़रूरी है। यह पत्र आपके साथ हुए अन्याय और ज़ुल्म का पहला दस्तावेज है। अगर कोई ज़रूरी बात इसमें नहीं लिखी और बाद में बताई गई, तो आपकी बात पर शक हो सकता है और आपका मामला कमज़ोर पड़ सकता है।
एक और फ़ायदा ये है कि जब आप विस्तार से शिकायत लिखते हैं, तो पुलिस को यह समझने में आसानी होती है कि असल में क्या हुआ, किसने क्या किया और अब किसके ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई करनी है।
यह टूलकिट आपको एक मज़बूत शिकायत पत्र लिखने में मदद करेगा।
अगर आप इस टूलकिट के बारे में कोई सुझाव देना चाहते हैं या इसे किसी और भाषा में पढ़ना चाहते हैं, तो हमसे ज़रूर संपर्क करें – [email protected] हम आपकी मदद करने की कोशिश करेंगे।
संलग्न दस्तावेज़: टूलकिट – शिकायत पत्र का मूल प्रारूप

