Author: Part III Team
हम इसी कोशिश में रहते है की कठिन से कठिन कानूनी जानकारी को आसान और सरल बनाया जाये, ताकि समुदाय अपने कानूनी हक़ के बारे में जागृत रहे और संगठित हो कर अपने हीत्त के लिए आवाज़ उठाये।
इसी कोशिश में हमने एक ट्रेनिंग मटेरियल बनाया है – वन और समुदाय: अधिकार, संरक्षण और क़ानून
यह किताब जंगलों में रहने वाले समुदायों, ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले प्रशिक्षकों और स्थानीय नेताओं के लिए एक उपयोगी संसाधन है। यह अंग्रेज़ी और हिंदी – दोनों भाषाओं में उपलब्ध है।
इस पुस्तिका में क्या है?
निगरानी के लिए चेकलिस्ट – जैसे अधिकारों का निपटारा, ग्राम सभा की प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों का पालन।
जंगल किसे कहा जाता है और समय के साथ उसकी परिभाषा कैसे बदली है।
भारतीय क़ानून के तहत जंगलों के प्रकार – आरक्षित वन, संरक्षित वन, ग्राम वन, अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान।
वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत वनवासी समुदायों और अनुसूचित जनजातियों के अधिकार।
प्रमुख वन और वन्यजीव कानूनों की जानकारी – जैसे भारतीय वन अधिनियम, 1927; वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972; और वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980।
ग्राम सभा और स्थानीय संस्थाओं की भूमिका – जंगलों के प्रबंधन और संरक्षण में समुदाय की भागीदारी।
संरक्षण आरक्षित क्षेत्र, सामुदायिक आरक्षित क्षेत्र, टाइगर रिज़र्व और पुनर्वास से जुड़ी विस्तृत जानकारी।
वन अधिकारों के दावे करने, अधिकारों के निपटारे और सामुदायिक वन प्रबंधन की प्रक्रियाएँ सरल भाषा में समझाई गई हैं।
रिपोर्ट ‘इन द नेम ऑफ टाइगर’ यहाँ पढ़ें: https://www.sruti.org.in/wp-content/uploads/2025/04/IN-THE-NAME-OF-TIGER.pdf
इस रिपोर्ट पर आधारित वीडियो यहाँ देखें: https://youtu.be/-m3xkLyB_ao
अगर आप इस ट्रेनिंग मटेरियल के बारे में कोई सुझाव देना चाहते हैं या इसे किसी और भाषा में पढ़ना चाहते हैं, तो हमसे ज़रूर संपर्क करें – [email protected] हम आपकी मदद करने की कोशिश करेंगे।
संलग्न दस्तावेज़: वन और समुदाय: अधिकार, संरक्षण और क़ानून

